जुड़वा कितने प्रकार के होते हैं?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:30

दो प्रकार के होते हैं जुड़वा बच्चे

जुड़वा बच्चे दो प्रकार के होते हैं। पहला एक-दूसरे से अलग दिखने वाले डायजाइगॉटिक (Dizygotic) यानी द्विज अंडज/भ्रातृ जुड़वा। दूसरा मोनोजाइगॉटिक (Monozygotic) यानी एक अंडज/अभिन्न जुड़वा। ये बिल्कुल एक से दिखते हैं।

डायजाइगॉटिक – डायजाइगॉटिक जुड़वा बच्चों का निर्माण तब होता है, जब स्त्री दो अलग-अलग पुरुषों के शुक्राणु से दो अलग-अलग अंडकोशिका में शुक्राणु को निषेचित करती है। इससे स्त्री के गर्भ में 2 अलग शुक्राण के 2 अलग अंडे बनते हैं। ये जुड़वा बच्चे स्त्री व पुरुष के एक बार के सहवास क्रिया में ही हो जाते हैं। महिलाओं के डिंबाशय में हर महीने एक नए डिंब/अंडकोशिका का निर्माण होता है, वहीं पुरुष शुक्राणु अनगिनत होते हैं। संयोगवश कभी-कभी स्त्रियों में 2 अंडकोशिका का प्राकृतिक रूप से भी निर्माण हो जाता है, जिसमें 2 अलग-अलग शुक्राणु के 2 बच्चे जन्म लेते हैं। ये बच्चे थोड़-थोड़े समय के अंतर पर पैदा होते हैं। क्योंकि ये जुड़वा बच्चे अलग-अलग अंडे में होते हैं, इसलिए ये एक-दूसरे से अलग होते हैं। इनकी आदतें और शक्ल एक-दूसरे से नहीं मिलती।

मोनोजाइगॉटिक – जब कोई स्त्री अपनी अंडकोशिका में एक पुरुष के स्पर्म के होने से प्रेग्नेंट होती है और जब स्पर्म उसकी अंडकोशिका में 2 कोशिकाओं में बंट जाए तो इससे उस महिला को जुड़वा बच्चे होते हैं। क्योंकि ये एक अंडे में एक शुक्राणु के दो हिस्सों में बंटने की वजह से होता है, इसलिए इन बच्चों की शक्ल, कद औऱ स्वभाव एक जैसा ही होता है।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info